


अपने अंदर की सीता और दुर्गा दोनों को पहचानो-नवनीत जैन
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
धार न्यूज/शासकीय कन्या महाविद्यालय धार में बेटियों की सुरक्षा हेतु चलाए जा रहे “मैं ही सीता, मैं ही दुर्गा” अभियान के अंतर्गत 72 वे संगोष्ठी कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए सामाजिक कार्यकर्ता नवनीत जैन ने बताया कि किस प्रकार स्वर्ण मृग के भ्रम में सीता जैसी पवित्र देवी भी भ्रमित हो गई और पहचान बदलकर किस प्रकार रावण ने हरण किया इस प्रकार आज की सोशल मीडिया लाइफ में भी लाइक , कमेंट और हार्ट के स्वर्ण मृग के चक्कर में बेटियां अपनी निजी फोटो वीडियो अनजाने लोगों को डाल देती हैं और अपने नाम धर्म और पहचान बदलकर किस प्रकार उन्हें लव जिहाद के चक्रव्यूह में फसाया जाता है बेटियों को अपने अंदर की सीता को पहचानना होगा और अपनी लक्ष्मण रेखा स्वयं तय करनी होगी तभी नाम धर्म और पहचान बदलकर शोषण करने वाले रावण से बच पाना संभव होगा। साथ ही किसी बहन बेटी का शोषण होने की जानकारी मिले तो अपने अंदर की दुर्गा को जागृत करके उसे बहन बेटी की रक्षा हेतु आगे आना होगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कन्या महाविद्यालय परिवार के श्री फड़के सर ने भी बेटियों से आग्रह किया कि सोशल मीडिया के नुकसानों से सतर्क एवं सावधान रहे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता नवनीत जैन के साथ मंच पर अध्यक्षता कर रहे श्री फडके, कार्यक्रम संयोजक सुश्री सलोनी राठौर एवं लक्ष्मी रघुवंशी सहित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की सूची प्राची सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये। संगोष्ठी का शुभारंभ अतिथियों द्वारा सरस्वती पूजन से किया गया संचालन सुश्री प्राची सिंह एवं आभार सलोनी राठौर ने व्यक्त किया इस अवसर पर महाविद्यालय की सैकड़ो छात्राओं ने संगोष्ठी में भाग लिया एवं अपने प्रश्न उत्तर के माध्यम से विभिन्न जानकारियां साझा की। यह जानकारी राजवाड़ा चौक सेवा समिति के दीपक गहलोत ने दी।